भारत सेवक शिक्षा सदन इण्टरमीडिएट कॉलेज, आरमापुर, कानपुर का शुभारम्भ RAF कैम्प के एक कमरे में 15 छात्राओं से आयुध निर्माणी कानपुर के कर्मचारी स्व. देवीशरण पाण्डेय जी एवं स्व. उदयभान सिंह जी की देखरेख में वर्ष 1965 में हुआ था।
प्रधानाध्यापक एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के कठिन परिश्रम से विद्यालय का परीक्षाफल हमेशा शत-प्रतिशत रहा है।
वर्तमान समय में विद्यालय में इण्टरमीडिएट तक मानविकी तथा विज्ञान वर्ग की कक्षाएं अतिरिक्त विषय गृह विज्ञान के साथ संचालित हैं।
और जानें
हम अपने विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से निम्नलिखित संकायों में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
विशेषज्ञ
शिक्षक
कंप्यूटर
लैब
पुस्तकालय
गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा
सभागार
खेलकूद
योगा
एन.सी.सी.
"भारत सेवक शिक्षा सदन इण्टरमीडिएट कॉलेज, आरमापुर, कानपुर में आपका स्वागत है।"
इस विद्यालय के प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करना मेरे लिए सौभाग्य एवं गर्व की बात है, कि इसके द्वारा मुझे इस क्षेत्र के छात्र एवं छात्राओं के बौद्धिक विकास एवं चरित्र निर्माण में योगदान करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है।
बच्चे अपने गांव, नगर, देश व राष्ट्र तथा अपने माता-पिता की शान होते हैं, उनके अंदर अपार शक्ति का विशाल भण्डार छिपा होता है। जीवन में मिला एक अच्छा शिक्षक एक दिशाहीन बालक को भी आदर्श नागरिक में बदल देने की क्षमता रखता है।
हम लगातार अपने शिक्षकों को सरल लेकिन नवीन शिक्षण रणनीतियों से लैस करते हैं जो छात्रों को अकादमिक, वैज्ञानिक रूप से अभिनव, बुद्धिमान और मजबूत बनाने के लिए उन्हें अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ाने में मदद करते हैं।
मुझे विश्वास है कि हम सभी के सहयोग एवं समर्पण से हमारे विद्यार्थी आगे चलकर प्रबुद्ध देशभक्त एवं विभिन्न कौशलों से परिपूर्ण सभ्य नागरिक बनेंगे और अपने देश के विकास में अपने देश एवं विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना के साथ,
विजय कुमार खरे
प्रधानाचार्य
अनुभव चीजों से ज्यादा संतोषजनक होते हैं।
बेहतरीन यादों के साथ हमारे कैंपस में आएं। यहां हमारे कार्यक्रमों, कार्यशालाओं की झलक है।